Panchygavya 5 Ml
. ⚜️पंचगव्य ⚜️Panchygavya** ⚜️ पर्यावरण के अनुकूल 100% जैविक,24 घंटे में परिणाम 500 लीटर स्प्रे के लिए सिर्फ 5 एमएल में * ड्रिप के माध्यम से 1 एकड़ के लिए सिर्फ 5 एमएल में *(छिड़काव के लिए कवरेज क्षेत्र 5 एकड़) *सभी फसलों के लिए फायदेमंद * उपयुक्त फसलें: 🍇 अंगूर 🍊 संतरे 🍌 केला 🧄 लहसुन 🌶️ मिर्च 🍆 बैंगन 🥬 पत्तेदार सब्जियां 🌽 मक्का 🫑 बीन्स 🥭 आम 🍈 खरबूजे 🥥 नारियल 🌻 फूलों की खेती 🌹 गुलाब 🍉 तरबूज 🥜 मूंगफली 🍊 संतरे 🫛 फलीदार फसलें 🧪सामग्री:- 1% गाय का गोबर, गोमूत्र, दूध, दही, घी 🌱मुख्य लाभ 1) पोषक तत्वों से भरपूर: पंचगव्य गायों से बना एक शक्तिशाली जैविक उर्वरक है, जो पौधों को आवश्यक पोषक तत्वों की संतुलित आपूर्ति प्रदान करता है। 2) विकास: यह जोरदार विकास को बढ़ावा देता है, पौधों के फूल और फलने को बढ़ाता है, और समग्र उत्पादन को बढ़ाता है। 3) रोग प्रतिरोधक क्षमता: इसके नियमित उपयोग से पौधों की रोगों और कीटों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है, जिससे रासायनिक कीटनाशकों की आवश्यकता कम हो जाती है। 4) मृदा स्वास्थ्य: यह मृदा की उर्वरता और सूक्ष्मजीवी गतिविधि को बढ़ाता है, जिससे मृदा संरचना स्वस्थ होती है और जल धारण क्षमता अच्छी होती है। 5) पर्यावरण के अनुकूल: जैविक उत्पाद होने के कारण, यह पर्यावरण के अनुकूल है और पालतू जानवरों और बच्चों के उपयोग के लिए सुरक्षित है। ✅पंचगव्य का प्रभाव:- 🌿पंचगव्य से छिड़काव किए गए पौधे हमेशा बड़े पत्ते देते हैं और घनी छतरी विकसित करते हैं। जैविक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रकाश संश्लेषण प्रणाली सक्रिय होती है, जिससे अधिकतम चयापचय और प्रकाश संश्लेषण संभव होता है। 🌴तना तने की पार्श्व शाखाएँ बनती हैं, जो मजबूत होती हैं और अधिकतम फल पकाने में सक्षम होती हैं। शाखाएँ अपेक्षाकृत ऊँची होती हैं। 🍃जड़ें प्रचुर और घनी होती हैं। इसके अलावा, वे लंबे समय तक ताजा रहती हैं। यह भी देखा गया है कि जड़ें गहरी परतों में फैलती और बढ़ती हैं। ऐसी सभी जड़ें पोषक तत्वों और पानी के अधिकतम अवशोषण में मदद करती हैं। ❇️उपज सामान्य परिस्थितियों में, जब भूमि को अकार्बनिक खेती से जैविक खेती में परिवर्तित किया जाता है, तो उपज में कमी आती है। पंचगव्य की मुख्य विशेषता सभी फसलों के उत्पादन स्तर को बहाल करने में इसकी दक्षता है जब भूमि को पहले वर्ष से ही अकार्बनिक खेती से जैविक खेती में परिवर्तित किया जाता है। सभी फसलों में कटाई 15 दिनों के लिए आगे लाई जाती है। यह न केवल सब्जियों, फलों और अनाजों की शेल्फ लाइफ बढ़ाता है बल्कि स्वाद में भी सुधार करता है। महंगे रासायनिक आदानों को कम या प्रतिस्थापित करके, पंचगव्य उच्च लाभ सुनिश्चित करता है और जैविक किसानों को कर्ज से मुक्त करता है। 🎋सूखा सहिष्णुता पत्तियों और तनों पर एक पतली तैलीय परत बनती है, जो पानी के वाष्पीकरण को कम करती है। पौधों द्वारा विकसित गहरी और व्यापक जड़ें लंबे शुष्क काल में जीवित रहती हैं। उपरोक्त दोनों कारक सिंचाई के पानी की आवश्यकता को 30% तक कम करने और सूखा सहिष्णुता सुनिश्चित करने में योगदान करते हैं। 🐛🦗कीटों और बीमारियों से बचाव यह एक प्राकृतिक समाधान है जो कीटनाशक + वायरस/कवक को नियंत्रित करता है। 🔰पंचगव्य* का उपयोग कीटों से बचाव के लिए किया जा सकता है। यह थ्रिप्स, मिली बग, सफेद मक्खियों, एफिड्स और सभी प्रकार के लार्वा और कीड़ों के लिए उपयोगी है। *यदि रस चूसने वाले कीड़े, लार्वा और कीड़े हैं, तो *पंचगव्य* का 4 से 5 छिड़काव 7 से 10 दिनों के अंतराल पर करें। यह छिड़काव शाम को करना चाहिए। ताकि आपको 100% परिणाम मिलें। * 🔰वायरस नाशक- *पंचगव्य* वायरस से रक्षा करता है। सभी प्रकार के वायरस-स्मट, सिकुड़े हुए पत्ते, मुड़े हुए पत्तों के लिए उपयोगी* *पंचगव्य* का छिड़काव 5 से 6 दिनों के अंतराल पर करना चाहिए। यह छिड़काव शाम को करना चाहिए। ताकि आपको 100% परिणाम मिलें। * 🔰फफूंद नाशक- *पंचगव्य* कवक को नियंत्रित करता है। सभी प्रकार के कवक-डाउनी फफूंदी, पाउडरी फफूंदी,* ⚜️तैयारी की विधि:- 5 मिली पंचगव्य* तैयार करने की विधि। सबसे पहले एक साफ, सूखा प्लास्टिक कंटेनर लें। फिर उस प्लास्टिक कंटेनर में 500 मिली पानी लें। फिर 5 मिली पंचगव्य पैकेट को हिलाएं और इसे 500 मिली पानी में डालें। फिर इसे स्टील के चम्मच से पांच बार हिलाएं। फिर इसे एक बोतल में भर लें। ⚜️निर्देश:- 500 मिली घोल तैयार है। जब भी आप इसका इस्तेमाल करें, बोतल को एक बार हिलाएं और फिर इस्तेमाल करें। 500 मिली की बोतल को अंधेरे या ठंडे स्थान पर रखें ताकि यह गर्मी/गर्म हवा के संपर्क में न आए। इस बात का ध्यान रखें (500 मिली घोल का इस्तेमाल 3 साल तक किया जा सकता है) ⚜️स्प्रे द्वारा :- 1 एम एल बनाया हुआ पंचगव्य 1 लिटर पाणी केली A) पहले छिड़काव के 5 दिन बाद दूसरा छिड़काव करें। B) तीसरा छिड़काव 10 दिन बाद करें। C) चौथा छिड़काव 12 से 15 दिनों के अंतराल पर करें। D)पौधे पर केटोका प्रकोप होगा तो तो पंचगव्य में नीम ऑयल मिक्स करके छिड़काव करें. ⚜️ ड्रिप द्वारा:- 500 मिली घोल एक एकड़ में डालें। ⚜️सावधानियां: इसे ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें, हमेशा सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद छिड़काव करें। इसे रसायनों के साथ न मिलाएँ। price :- 700/- 5Ml (Spray:- 500 लिटर पाण्यासाठी ) (irrigation: - 5 Ml 1 एकरी -------------------------- 5 ML पंचगव्य बनाने की विधि व्हिडिओ https://www.facebook.com/share/v/14aNnKvBaUw/ ---------------------------- 👉नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके अपना ऑर्डर बुक करें https://agro-axis-mart.store.shoopy.in/products/panchgavya-5-ml-white-1-pic-SKU-0049 ------------------------------+++------- Whatsapp पे ऑर्डर देने के लिए 1)आपका पूरा नाम:- 2)गांव का नाम :- 3)तहसील :- 4)पोस्ट पिन कोड नंबर :- 5)मोबा











